हरियाणा में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और ऐसे में हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद कंगना रनौत के किसान आंदोलन पर दिए गए एक बयान ने प्रदेश की सत्ताधारी बीजेपी को असहज कर दिया है। कंगना ने किसान आंदोलन को पूर्व नियोजित और अशांति फैलाने वाला बताया था। उन्होंने कहा था, “आंदोलन के नाम पर उपद्रवी तत्व घुस गए थे, और इसे पूरी तैयारी और योजना के साथ अंजाम देने की कोशिश हो रही थी। अगर केंद्र में मजबूत सरकार नहीं होती, तो शायद पंजाब में भी बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा हो जाती।”
कंगना के इस बयान पर कांग्रेस की नेता और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तीखा हमला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भाजपा सांसद कंगना जी का लेटेस्ट बयान है कि ‘किसान आंदोलन में लंबी प्लानिंग थी, बांग्लादेश जैसी, और इसके पीछे चीन और अमेरिका जैसी विदेशी शक्तियां काम कर रही हैं।’” उन्होंने आगे सवाल किया, “क्या यह कंगना जी की निजी राय है, या यह बीजेपी और सरकार का भी मत है? क्या बीजेपी और सरकार भी मानती हैं कि अमेरिका और चीन हमारे देश के अंदर अस्थिरता पैदा कर रहे हैं?”
बीजेपी ने कंगना के इस बयान से दूरी बना ली है। पंजाब के बीजेपी नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल ने इसे कंगना का निजी बयान बताते हुए कहा, “किसानों पर बोलना कंगना का विभाग नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत विचार है। पीएम मोदी और बीजेपी किसान हितैषी हैं। कंगना को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए, और उन्हें ऐसे बयानों से दूरी बनानी चाहिए।”
