मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कड़ी नाराज़गी जताई है।
चंद्रशेखर आज़ाद ने महाराष्ट्र की ट्रेन में एक मुस्लिम बुजुर्ग पर हुए हमले और हरियाणा के चरखी दादरी में गौरक्षकों द्वारा साबिर मलिक की हत्या के मामले पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर (एक्स) पर लिखा कि “बीते 24 घंटे में भाजपा शासित महाराष्ट्र और हरियाणा में मॉब लिंचिंग की दो घटनाएं सामने आई हैं। महाराष्ट्र में ट्रेन में सफर कर रहे हाजी अशरफ को गौमांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा गया, हालांकि उनकी जान बच गई। वहीं, हरियाणा के चरखी दादरी में बंगाल के मजदूर साबिर मलिक को तथाकथित गौरक्षकों ने सिर्फ संदेह के आधार पर पीट-पीटकर मार डाला।”
चंद्रशेखर ने कहा कि ये घटनाएं असहनीय और अस्वीकार्य हैं। उन्होंने सरकारों पर आरोप लगाया कि वे इन घटनाओं के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “आखिर कब तक हमारे लोगों को ‘मॉब लिंचिंग’ के नाम पर यूं ही बेरहमी से कत्ल किया जाता रहेगा?”
चंद्रशेखर आज़ाद ने मांग की कि मॉब लिंचिंग करने वालों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए, अन्यथा ऐसी घटनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने सम्बन्धित राज्य सरकारों से आग्रह किया कि मॉब लिंचिंग में जान गंवाने वाले मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, और यह रकम मॉब लिंचिंग करने वालों से वसूली जाए। उन्होंने कहा, “यह दिखाना जरूरी है कि हमारे लोगों की जान की कीमत इतनी सस्ती नहीं है कि उसे यूं ही बहा दिया जाए।”
चंद्रशेखर ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर इन घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो वह पूरे देश में आंदोलन करेंगे।
