पुणे में राहुल गांधी का “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम अचानक एक बड़े gender debate में बदल गया। AISSMS College Ground पर महिला छात्रों और युवाओं से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा-“A woman belongs to nobody except herself.”
उन्होंने Manusmriti की उस सोच पर निशाना साधा जिसमें महिला को बचपन में पिता, युवावस्था में पति और बुढ़ापे में बेटे के संरक्षण में रहने की बात कही गई है। राहुल ने इसे “शर्मनाक” बताते हुए युवाओं से “smash the patriarchy” की अपील की।फिर आया PM मोदी पर सीधा तंज। Jantar Mantar प्रदर्शन के दौरान महिला छात्रों की भाषा पर हुई टिप्पणी का जिक्र करते हुए राहुल ने सवाल उठाया-अगर लड़के गाली दें तो “चलता है”, लेकिन लड़की वही करे तो अचानक “cultural shock” क्यों? उनके मुताबिक यही सोच महिलाओं को “पिंजरे” में रखने की कोशिश करती है।
राहुल ने महिलाओं की आज़ादी को सिर्फ भाषण का मुद्दा नहीं रखा। उन्होंने Violence, Disrespect, Time और “Concern” के नाम पर Control को पितृसत्ता के चार हथियार बताया।कार्यक्रम में आदिवासी छात्रा Nisha ने पुणे के Manjari में चल रहे tribal students के आंदोलन का मुद्दा उठाया। उसने बताया कि tribal hostels का खाना 70–80 किमी दूर से लाया जाता है और खराब खाने की शिकायतें सामने आती हैं।
उसने छात्राओं के mandatory pregnancy tests का भी मुद्दा उठाया। राहुल ने आंदोलन स्थल पर जाने का आश्वासन दिया।लोकगायिका Neha Singh Rathore भी मंच पर पहुंचीं और उन्होंने trolling, online abuse और सरकारी नीतियों पर सवाल उठाने के बाद मिलने वाली धमकियों पर बात की।लेकिन कार्यक्रम के बाहर कहानी थोड़ी अलग थी। एक रात पहले Pune के COEP hostel के बाहर NSUI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर छात्राओं को लेकर दबाव बनाने के आरोप लगाए। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और मामले में FIR भी दर्ज हुई।
BJP ने कार्यक्रम को “Paise Ki Goonj” कहकर हमला बोला और आरोप लगाया कि भीड़ और सोशल मीडिया engagement के लिए पैसे खर्च किए गए। VHP ने राहुल पर Manusmriti के श्लोक को संदर्भ से हटाकर पेश करने का आरोप लगाया।
यानी Pune में एक सवाल खूब गूंजा-महिलाओं को सुरक्षा चाहिए या सुरक्षा के नाम पर control?और राहुल गांधी का जवाब साफ था-Pinjra Toda
