नई दिल्ली: सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी का आज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और उनका एम्स में इलाज चल रहा था। 71 वर्षीय येचुरी ने भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया और वामपंथी विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाया।
सीताराम येचुरी का जन्म 12 अगस्त 1952 को चेन्नई में हुआ था। उन्होंने छात्र जीवन में ही राजनीति की दिशा में कदम रखा और जल्द ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के अग्रणी नेताओं में गिने जाने लगे। उनके नेतृत्व में सीपीएम ने विभिन्न आंदोलनों में प्रमुख भूमिका निभाई और देश के कई मुद्दों पर आवाज उठाई।
उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है और कहा कि उनका योगदान भारतीय राजनीति में हमेशा याद किया जाएगा।
सीताराम येचुरी के परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार कल दिल्ली में किया जाएगा, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग शामिल होंगे।
