अमेरिका ने Section 232 जांच के तहत भारत को कुछ उत्पादों पर अलग रियायत देने के संकेत दिए हैं। India-US trade talks में pharma और auto parts पर राहत संभव।
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापार वार्ताओं के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने Section 232 जांच के तहत भारत को कुछ क्षेत्रों में “separate treatment” यानी अलग रियायत देने का प्रस्ताव रखा है। इससे भारत को कई रणनीतिक उत्पादों पर राहत मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, pharmaceuticals, auto parts और aircraft components जैसे क्षेत्रों में भारत को अपेक्षाकृत बेहतर शर्तें मिल सकती हैं। खासतौर पर generic pharmaceuticals को लेकर दोनों देशों के बीच एक अलग framework तैयार किया जा रहा है।
Section 232 के तहत अमेरिकी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर आयातित उत्पादों पर tariff लगा सकती है। इसी प्रावधान के तहत steel, aluminium, automobiles, semiconductors और pharmaceutical sectors की जांच चल रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने ongoing trade negotiations के दौरान product-specific relaxations की मांग की थी। अमेरिकी पक्ष ने कुछ क्षेत्रों में भारत के लिए competitor देशों की तुलना में बेहतर settlement terms देने के संकेत दिए हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिकी delegation अगले महीने भारत आ सकता है, जहां proposed bilateral trade agreement पर आगे की बातचीत होगी। इससे पहले अप्रैल में Washington में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका एक interim trade arrangement पर काम कर रहे हैं। दोनों देश व्यापक व्यापार समझौते से पहले कुछ महत्वपूर्ण सेक्टर्स में सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, US Secretary of State Marco Rubio 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान trade, defence और energy cooperation जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
