अजमेर: ईद-उल-अजहा से पहले अजमेर शरीफ दरगाह के चीफ मौलवी की ओर से दिया गया बयान चर्चा का विषय बन गया है। चीफ मौलवी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि गाय को देश का “राष्ट्रीय पशु” घोषित किया जाए।
मौलवी साहब ने कहा कि भारत में गाय को बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आस्था से जोड़कर देखते हैं और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए इस विषय पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में अमन और भाईचारे का माहौल बना रहना सबसे जरूरी है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईद-उल-अजहा को लेकर कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और कुर्बानी को लेकर अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। कुछ राज्यों में सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और पशु परिवहन को लेकर सख्ती भी बढ़ाई गई है।
चीफ मौलवी के बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द की पहल बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक और धार्मिक बहस से जोड़कर देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर संवेदनशीलता और संतुलन बेहद जरूरी है ताकि किसी भी तरह का सामाजिक तनाव पैदा न हो।
