नई दिल्ली: देश में एक बार फिर ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी और मिडिल क्लास की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसकी बड़ी वजह है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले चार सालों में पहली बार ऐसा हुआ है जब एक ही महीने में तीन बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली। इससे ट्रांसपोर्ट, खाद्य पदार्थ, सब्जियां, दूध और रोजमर्रा के सामान महंगे होने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि Iran-Israel conflict और global oil supply chain पर दबाव के कारण crude oil market अस्थिर बना हुआ है। तेल कंपनियों को आयात लागत ज्यादा पड़ रही है, जिसका असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है।
सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। ऑफिस आने-जाने का खर्च बढ़ गया है, जबकि CNG और LPG की कीमतों में बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को भी प्रभावित किया है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से बाजार में सामान की कीमतें भी धीरे-धीरे बढ़ रही हैं।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ेगा।
सरकार की तरफ से फिलहाल टैक्स में राहत या किसी बड़ी कटौती का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन जनता उम्मीद कर रही है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए राहत के कदम उठाए जाएंगे।
