गर्मी ऐसी कि दीवारें भी तपने लगीं! 47°C ने लोगों का जीना किया मुश्किल.

दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। कई शहरों में तापमान 45°C से 47°C तक पहुंच चुका है और दोपहर में बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं लग रहा। लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि “अब पंखों से भी गर्म हवा आ रही है।” हालात इतने खराब हैं कि घरों की दीवारें तक गर्म महसूस होने लगी हैं और रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।

सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो रोज सड़कों पर काम करते हैं-जैसे मजदूर, डिलीवरी बॉय, रिक्शा चालक और ट्रैफिक पुलिसकर्मी। वहीं मिडिल क्लास परिवार लगातार बढ़ते बिजली बिल और Power Cut से परेशान हैं।


मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार की भीषण गर्मी के पीछे Global Warming, El Niño Effect और North-Western Heatwave Pattern जैसी बड़ी वजहें मानी जा रही हैं। IMD (भारतीय मौसम विभाग) ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में Yellow Alert जारी किया है और लोगों को जरूरी न हो तो दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी है।

डॉक्टरों ने भी Heat Stroke और Dehydration से बचने के लिए ज्यादा पानी पीने, ORS, नींबू पानी, छाछ और अन्य hydrating चीजें लेने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने को कहा गया है।


गर्मी का असर अब सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहा है। कई इलाकों में दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली दिखाई दे रही हैं, क्योंकि लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। छोटे दुकानदार, ठेले वाले और सड़क किनारे काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि तेज धूप में घंटों काम करना उनकी मजबूरी भी है और जोखिम भी। कई लोग लगातार सिर दर्द, चक्कर और कमजोरी की शिकायत कर रहे हैं।


देश में लगातार AC, कूलर और पंखों के इस्तेमाल से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे कई इलाकों में Low Voltage, ट्रांसफॉर्मर फेल और बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत न होने पर बिजली बचाना बेहद जरूरी है ताकि Power Grid पर दबाव कम किया जा सके। लोगों को दिन में हल्के रंग के कपड़े पहनने, धूप में निकलते समय सिर ढकने और बच्चों को ज्यादा देर बाहर न खेलने देने की सलाह दी जा रही है।


अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हर साल बढ़ती गर्मी सिर्फ एक मौसम की खबर बनकर रह जाएगी, या फिर Global Warming और बदलते मौसम को लेकर गंभीर कदम भी उठाए जाएंगे? क्योंकि अब यह सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी, सेहत और भविष्य से जुड़ा बड़ा संकट बन चुका है।

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