नई दिल्ली: वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रकाश अंबेडकर ने देश में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मौजूदा हालात पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो अक्टूबर से पहले गोधरा जैसी गंभीर घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर से देश के विभिन्न हिस्सों में मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाली घटनाओं में वृद्धि देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति समाज के लिए चिंता का विषय है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अंबेडकर ने अपने बयान में United States Commission on International Religious Freedom (USCIRF) की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हमलों और सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी रिपोर्ट को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह किसी विदेशी संस्था द्वारा जारी की गई है। उनके अनुसार, सरकार को ऐसे निष्कर्षों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और यदि कहीं सामाजिक तनाव बढ़ रहा है तो उसे कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं अब सार्वजनिक चिंता का विषय बन चुकी हैं। उन्होंने समाज में भाईचारा, सद्भाव और आपसी विश्वास को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नफरत और विभाजन की राजनीति से बचना समय की मांग है।
अपने बयान में उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल का भी उल्लेख किया। अंबेडकर ने कहा कि इन राज्यों में हाल के वर्षों में सांप्रदायिक तनाव और संघर्ष की कई घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।
अंत में उन्होंने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती नफरत और हिंसा को रोकने के लिए सभी समुदायों और नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
(नोट: गोधरा जैसी घटना की आशंका संबंधी टिप्पणी प्रकाश अंबेडकर का बयान है। Pal Pal News इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।)
