मल्टीविसरल ट्रांसप्लांट आधुनिक चिकित्सा की सबसे जटिल और उन्नत सर्जरी प्रक्रियाओं में से एक है, जिसमें एक साथ कई महत्वपूर्ण अंगों का प्रत्यारोपण किया जाता है।
यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि उच्च स्तरीय योजना, तकनीक और सटीक टीमवर्क का संगम होता है।हाल ही में हैदराबाद स्थित KIMS Hospitals के डॉक्टरों ने इस क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जहां एक बेहद जटिल 5-ऑर्गन ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया।
इस प्रक्रिया में आमतौर पर लीवर, पैनक्रियास, पेट (stomach), डुओडेनम और छोटी आंत के हिस्से शामिल होते हैं। इन सभी अंगों को अलग-अलग ट्रांसप्लांट करने के बजाय एक जुड़े हुए “ऑर्गन ब्लॉक” के रूप में प्रत्यारोपित किया जाता है, जिससे रक्त प्रवाह और कार्यक्षमता सुरक्षित रहती है।इस सर्जरी की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी खासियत है एडवांस्ड सिमुलेशन सिस्टम का उपयोग।
ऑपरेशन से पहले डॉक्टर मरीज और डोनर के शरीर का हाई-रेज़ोल्यूशन CT और MRI स्कैन लेकर उसका 3D डिजिटल मॉडल तैयार करते हैं। इसके जरिए पूरी सर्जरी का वर्चुअल अभ्यास किया जाता है।
हैप्टिक फीडबैक तकनीक की मदद से डॉक्टर वास्तविक मानव ऊतक जैसा अनुभव प्राप्त करते हैं, जिससे कटिंग, ब्लड वेसल कनेक्शन और अंगों की फिटिंग को पहले ही परखा और बेहतर बनाया जा सकता है।
यह “ड्राई रन” संभावित जटिलताओं को पहले ही पहचानने में मदद करता है।ऑपरेशन के दौरान दो विशेषज्ञ टीमें एक साथ काम करती हैं – एक डोनर से अंग निकालने में और दूसरी मरीज के शरीर को ट्रांसप्लांट के लिए तैयार करने में।
हर कदम अत्यंत सटीक टाइमिंग के साथ किया जाता है।यह उपलब्धि दिखाती है कि आज की मेडिकल साइंस हैदराबाद जैसे शहरों में भी वैश्विक स्तर की तकनीक और नवाचार के साथ नई ऊंचाइयों को छू रही है।
