संसद के मानसून सत्र के दौरान 30 जुलाई को छात्र आंदोलन, पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। संसद परिसर के मकर द्वार पर INDIA गठबंधन के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर बयान देने की मांग की। लोकसभा के भीतर भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही कई बार बाधित हुई और सदन को बीच-बीच में स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केवल सजा बढ़ाने से पेपर लीक नहीं रुकेंगे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है। खड़गे ने पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच, राष्ट्रीय परीक्षा कैलेंडर, 30 लाख सरकारी रिक्त पद भरने और युवाओं के लिए रोजगार नीति की भी मांग उठाई। उनके कुछ बयानों पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में तीखी बहस देखने को मिली।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि नया कानून परीक्षा माफियाओं, फर्जी एडमिट कार्ड, फर्जी वेबसाइट और संगठित पेपर लीक नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कानून के साथ-साथ संस्थागत सुधार भी कर रही है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर छात्र मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया।
दिन के दौरान संसद ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को भी मंजूरी दी। Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 राज्यसभा से पारित होकर संसद के दोनों सदनों से पास हो गया। नए कानून में पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए अधिकतम 10 वर्ष की सजा, भारी जुर्माने, स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट और विशेष जांच बल (STF) जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
वहीं Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 भी लोकसभा से पारित हुआ, जिसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण दिया गया है और इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा।
संसदीय कार्यवाही शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई भी दी। दिनभर के हंगामे और विधायी कार्यवाही के बाद लोकसभा और राज्यसभा की बैठक शुक्रवार, 31 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
