ग्लासगो CWG 2026: भारत का दमदार प्रदर्शन जारी, पैरा एथलेटिक्स में ऐतिहासिक 1-2 फिनिश, नीरज की एंट्री और 15 पदकों के साथ टॉप-8 में टीम इंडिया

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 के आठवें दिन (30 जुलाई) भारत ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दुनिया के सामने अपनी खेल शक्ति का दम दिखाया। भारतीय दल के खाते में अब तक 15 पदक (3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य) आ चुके हैं और भारत पदक तालिका में 8वें स्थान पर बना हुआ है। कई भारतीय खिलाड़ी अभी भी फाइनल और सेमीफाइनल में हैं, जिससे आने वाले दिनों में भारत के पदकों की संख्या और बढ़ने की पूरी उम्मीद है।


दिन का सबसे बड़ा आकर्षण ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा रहे, जिन्होंने जैवलिन थ्रो क्वालिफिकेशन में अपने अभियान की शुरुआत की और दूसरे राष्ट्रमंडल स्वर्ण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। शॉटपुट फाइनल में तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल, जबकि महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में सीमा कालिरामना और निधि रानी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।


एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन अभियान की शुरुआत करते हुए 100 मीटर, लॉन्ग जंप, शॉटपुट, हाई जंप और 400 मीटर स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु ने पुरुष ट्रिपल जंप क्वालिफिकेशन में चुनौती पेश की। अनिमेष कुजूर ने पुरुष 200 मीटर सेमीफाइनल में, विशाल टीके ने 400 मीटर सेमीफाइनल में और पारुल चौधरी ने महिला 5000 मीटर फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया।


सबसे ऐतिहासिक उपलब्धि पैरा एथलेटिक्स में देखने को मिली। पुरुष 100 मीटर T47 स्पर्धा में दिलीप महाडू गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। महाराष्ट्र के नासिक के पास तोरण डोंगरी गांव के रहने वाले दिलीप ने बचपन में पेड़ गिरने की दुर्घटना में अपना दायां हाथ गंवा दिया था। उनके कोच वैजनाथ काले हैं और वह 2022 एशियन पैरा गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।


इसी स्पर्धा में केरल के मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाठी ने 10.83 सेकंड के अपने सीजन बेस्ट प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीतकर भारत को ऐतिहासिक गोल्ड-सिल्वर (1-2) फिनिश दिलाई। बासिल जन्म से ही दाएं हाथ के बिना पैदा हुए थे और उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रायल में दिलीप को पीछे छोड़ा था।

कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पुरुष पैरा एथलेटिक्स में भारत की यह पहली गोल्ड-सिल्वर डबल पोडियम उपलब्धि है। इस ऐतिहासिक सफलता पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि को भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बताया।


बॉक्सिंग में भी भारत का दबदबा कायम रहा। जादुमणि ने भारत-पाकिस्तान मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई, जबकि प्रीति ने भी जीत हासिल कर पदक से केवल एक कदम की दूरी बना ली। भारतीय मुक्केबाज़ों का शानदार अभियान जारी है और कई बॉक्सर पहले ही सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर चुके हैं।


वेटलिफ्टिंग में मार्टिना देवी माईबाम ने महिला +86 किलोग्राम वर्ग और लवप्रीत सिंह ने पुरुष +110 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया। ट्रैक साइक्लिंग में भारतीय टीम ने अपने अभियान का आगाज़ किया। लॉन बॉल्स में दिनेश कुमार और नवनीत सिंह ने पुरुष युगल सेक्शन मुकाबले में हिस्सा लिया, जबकि नयनमोनी सैकिया ने महिला सिंगल्स में भारत की चुनौती पेश की।


अब तक भारत के 15 पदकों में वेटलिफ्टिंग से 7, पैरा एथलेटिक्स से 4, एथलेटिक्स से 3 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 पदक आया है। भारतीय खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्लासगो में तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं और आने वाले मुकाबलों में देश को और पदकों की उम्मीद है।


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