जामनगर: गुजरात के जामनगर में सामने आए सनसनीखेज जिग्नेश मावड़िया हत्याकांड ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। करीब दो साल तक चले इस रहस्य का खुलासा होने के बाद पुलिस जांच में हत्या की एक ऐसी साजिश सामने आई है, जिसकी तुलना लोग बॉलीवुड फिल्म ‘दृश्यम’ से कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, जिग्नेश की हत्या 31 मई 2024 को दरेड़ GIDC इलाके में स्थित एक किराए की इंडस्ट्रियल शेड में की गई थी। आरोप है कि उसे पार्टी के बहाने फैक्ट्री बुलाया गया, जहां उसकी शराब में पोटैशियम सायनाइड मिलाकर हत्या कर दी गई। जांच में सामने आया कि जहरीला रसायन कथित तौर पर औद्योगिक संपर्कों के जरिए हासिल किया गया था।
हत्या के बाद शव को फैक्ट्री के अंदर करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। इसके बाद ऊपर से मिट्टी और कंक्रीट की मोटी परत डालकर सबूत छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी पृथ्वी उर्फ भूमि, उसके कथित प्रेमी नीलेश कछाटिया और सहयोगी बलराम देवराम वर्मा को इस मामले में आरोपी बनाया है।
पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या के बाद पत्नी ने करीब दो साल तक परिवार और रिश्तेदारों को यह विश्वास दिलाया कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है। कथित तौर पर फर्जी इंटरनेशनल रोमिंग SIM, बदले हुए चैट रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए विदेश में होने की झूठी कहानी बनाई गई।
वहीं, जिग्नेश के बैंक खातों और आर्थिक गतिविधियों को भी संभाला जाता रहा ताकि परिवार को शक न हो।मामले का खुलासा तब हुआ जब एक रिश्तेदार खुद ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारी कर रहा था और उसने जिग्नेश का असली पता व संपर्क नंबर मांगा। लगातार सवालों के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस और FSL टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फैक्ट्री के फर्श की खुदाई कराई, जहां से मानव अवशेष बरामद हुए। फोरेंसिक टीम अब DNA प्रोफाइलिंग, हड्डियों के नमूने, दांतों की जांच और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से मृतक की पहचान की पुष्टि कर रही है।
पुलिस ने घटनास्थल से रासायनिक अवशेष, खुदाई से जुड़े उपकरण और अन्य सबूत भी जुटाए हैं। मामले में हत्या और सबूत मिटाने से जुड़ी धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
