नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में 31 जुलाई 2026 को राजनीतिक टकराव और विधायी कार्यवाही दोनों देखने को मिली। संसद के बाहर INDIA गठबंधन ने अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि सदन के भीतर हंगामे के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मकर द्वार पर हुए प्रदर्शन में स्वतंत्र सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर सांकेतिक रूप से पुजारी की भूमिका में नजर आए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद व डिंपल यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्ष ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा बताया।
बीजेपी ने इस प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। पार्टी नेताओं ने विपक्ष पर राजनीतिक नाटक करने का आरोप लगाया।
राज्यसभा में बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने परीक्षा सुधारों पर बोलते हुए कहा कि छात्रों का गुस्सा और दर्द जायज है। उन्होंने पेपर लीक को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इसका समाधान संस्थागत सुधारों से ही संभव है। उन्होंने भविष्य में NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित प्रणाली में बदलने की बात कही।
लोकसभा में Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 पारित किया गया। इस विधेयक में देर से जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए सख्त मंजूरी प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और विपक्ष के बीच कार्यवाही को लेकर तीखी बहस हुई। लगातार हंगामे के बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। संसद की अगली बैठक 3 अगस्त को होगी।
