गांधीनगर में निर्माणाधीन इमारत का स्लैब गिरा, 15 मजदूरों का रेस्क्यू

गांधीनगर के कुडासण इलाके में निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत ‘बॉस्की द एम्पायर’ में स्लैब और लोहे का ढांचा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और मलबे में फंसे सभी 15 मजदूरों को बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू किए गए 12 मजदूरों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत स्थिर है। 10 मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि दो को रीढ़ की चोट और फ्रैक्चर जैसी गंभीर चोटें बताई गई हैं। प्रभावित मजदूरों में ज्यादातर दाहोद, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आए प्रवासी श्रमिक हैं।

मलबा हटाने के लिए कंक्रीट और मेटल कटर के साथ 300 टन क्षमता वाली क्रेन का इस्तेमाल किया गया। सभी मजदूरों के बाहर निकलने के बावजूद एहतियातन मलबा पूरी तरह हटने तक तलाशी अभियान जारी रखा गया।

शुरुआती जानकारी में स्लैब की ढलाई के दौरान क्रेन के संपर्क में आने या लोहे के अस्थायी ढांचे के असंतुलित होकर गिरने की आशंका जताई गई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। गांधीनगर नगर निगम, जिला प्रशासन, R&B विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम निर्माण की संरचनात्मक मजबूती और इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच कर रही है।

पुलिस साइट सुपरवाइजर और ठेकेदारों से भी पूछताछ कर रही है कि स्लैब कास्टिंग के दौरान निर्धारित निर्माण और श्रमिक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। हादसे ने गांधीनगर में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के बीच सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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