दिल्ली में BRICS का महामंच, दुनिया के बड़े नेताओं की मौजूदगी से बढ़ी हलचल

नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाली इस अहम बैठक में BRICS के 11 सदस्य देशों के नेता और विभिन्न साझेदार देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और उसका फोकस वैश्विक सहयोग, लचीलापन, नवाचार और सतत विकास पर है।

सम्मेलन से पहले ही दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों, पैरामिलिट्री बलों और सैकड़ों CCTV कैमरों के जरिए प्रमुख इलाकों की निगरानी की जा रही है। VVIP मूवमेंट के चलते 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन और अस्थायी प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसका असर आम लोगों, कैब ड्राइवरों और डिलीवरी कर्मचारियों की आवाजाही पर भी देखने को मिल रहा है।

इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं। पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 11 सितंबर को बैठक भी हुई, जिसमें ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात को भी खास महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि यह शी का करीब सात साल बाद भारत दौरा है।

BRICS बैठक में वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षवाद, व्यापार और निवेश, खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और मौजूदा वैश्विक संघर्षों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत के लिए यह सम्मेलन सिर्फ कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ में अपनी भूमिका और रणनीतिक संतुलन को मजबूत करने का बड़ा अवसर भी माना जा रहा है।

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