नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि फिलहाल भारत में मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियाती कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया है। समीक्षा बैठक में यह माना गया कि आने वाले हफ्तों में विदेश से कुछ मामले सामने आ सकते हैं, लेकिन देश में बड़े प्रकोप का खतरा कम है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 2022 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मंकीपॉक्स को स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद से भारत में कुल 30 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से अंतिम मामला इस साल मार्च में सामने आया था। फिलहाल, भारत में मंकीपॉक्स का कोई सक्रिय मामला नहीं है, लेकिन स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मंकीपॉक्स को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा की अध्यक्षता में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सीमा प्रवेश स्थलों पर स्वास्थ्य इकाइयों को सतर्क किया जाएगा। जांच प्रयोगशालाओं को तैयार रखने, किसी भी संदिग्ध मामले का पता लगाने, उसे पृथक करने और उसके प्रबंधन के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुसज्जित किया जाएगा।
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि मंकीपॉक्स का संक्रमण सामान्यतः 2-4 सप्ताह तक रहता है और उचित देखभाल से रोगी पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। मंकीपॉक्स का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क, यौन संपर्क, शरीर के घाव के तरल पदार्थ या दूषित वस्त्रों के माध्यम से फैलता है।
इस समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), डब्ल्यूएचओ, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
