नई दिल्ली: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देश के 756 मेडिकल कॉलेजों में से केवल 7 कॉलेज ऐसे पाए गए हैं जो MBBS इंटर्न और पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों को निर्धारित स्टाइपेंड का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इन संस्थानों में चार सरकारी और तीन निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
एनएमसी के अनुसार, ये कॉलेज आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। आयोग ने अदालत को बताया कि इन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ, न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले के समक्ष सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता तन्वी दुबे ने अदालत को बताया कि देशभर के अधिकांश मेडिकल कॉलेजों में स्टाइपेंड भुगतान को लेकर कोई विवाद नहीं है और केवल सात संस्थानों में ही अनियमितता पाई गई है।
सुनवाई के दौरान एनएमसी के वकील ने अदालत को बताया कि एक मेडिकल कॉलेज बंद हो चुका है और वहां कोई इंटर्न नहीं है। वहीं, 562 मेडिकल कॉलेज पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं और स्टाइपेंड का भुगतान कर रहे हैं। कुछ कॉलेजों में इंटर्न मौजूद नहीं होने के कारण वहां स्टाइपेंड का प्रश्न लागू नहीं होता।
एनएमसी ने बताया कि जुलाई 2025 में सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया गया था कि वे MBBS इंटर्न और PG रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड से संबंधित जानकारी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। समीक्षा के दौरान पाया गया कि सात कॉलेजों ने बार-बार याद दिलाने के बावजूद आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
आयोग का कहना है कि यह स्थिति राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस, 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसलिए संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि देश के लगभग 70 प्रतिशत मेडिकल कॉलेज या तो निर्धारित स्टाइपेंड नहीं देते या फिर तय मानकों से कम भुगतान करते हैं। याचिकाकर्ताओं ने इस मुद्दे पर व्यापक जांच और पारदर्शिता की मांग की है।
मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होने की संभावना है, जहां सुप्रीम कोर्ट एनएमसी द्वारा की गई कार्रवाई और स्टाइपेंड भुगतान की स्थिति की आगे समीक्षा कर सकता है।
