दिल्ली सरकार ने ऑडिट के बाद 7.72 लाख अवैध राशन कार्ड रद्द किए हैं। नए राशन कार्ड के लिए आय सीमा ₹2.5 लाख सालाना तक बढ़ाने की तैयारी है।
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के ऑडिट के बाद करीब 7.72 लाख “अवैध” राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, जांच में ऐसे लाभार्थियों की पहचान की गई जो पात्रता नियमों के तहत राशन कार्ड के हकदार नहीं थे।
सरकार अब नए लाभार्थियों के लिए राशन कार्ड आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू कर रही है। बताया गया है कि 15 मई से e-District पोर्टल के जरिए नए राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन खोले गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में पिछले 13 वर्षों से नए राशन कार्ड जारी नहीं किए गए थे। ऐसे में खाली हुई जगहों को भरने के लिए नए पात्र परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा।
ऑडिट के दौरान 7,71,384 अपात्र और फर्जी लाभार्थियों की पहचान हुई। इनमें से 6,46,123 लाभार्थी तय आय सीमा से ऊपर पाए गए। इसके अलावा 95,682 लाभार्थियों ने एक साल से राशन नहीं लिया, जबकि 6,185 मृतकों के नाम भी राशन रिकॉर्ड में जारी थे। वहीं 23,394 लाभार्थी कई जगहों से लाभ लेते पाए गए।
सरकार ने राशन कार्ड के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.20 लाख किया है। अब इसे आगे बढ़ाकर ₹2.50 लाख सालाना करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि ज्यादा गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके। प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल सकती है।
नई व्यवस्था के तहत आवेदन करने वालों को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और नया आय प्रमाण पत्र जमा करना होगा। सरकार का दावा है कि इससे राशन वितरण प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और आधुनिक बनाया जाएगा।
