देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम Court ने National Testing Agency (NTA) पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह बेहद दुखद है कि एजेंसी ने पिछले विवादों से अब तक कोई सबक नहीं सीखा।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, NTA और CBI को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि 2024 के पेपर लीक विवाद के बाद आखिर क्या सुधार किए गए थे और फिर 2026 में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। कोर्ट ने NTA को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें विस्तार से बताना होगा कि पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए।
दरअसल NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन राजस्थान समेत कई राज्यों में पेपर लीक और “guess paper” से सवाल मैच होने के आरोप सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। बाद में NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और मामला CBI को सौंप दिया गया।
सुनवाई के दौरान मेडिकल संगठनों और छात्र समूहों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मांग की गई कि NTA को या तो पूरी तरह भंग किया जाए या उसकी जगह एक नई autonomous और robust संस्था बनाई जाए जो पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं आयोजित कर सके।
कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले भी एक हाई-पावर कमेटी बनाई गई थी जिसने कई सुधार सुझाए थे, लेकिन अब सवाल यह है कि उन सिफारिशों को लागू क्यों नहीं किया गया। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की टिप्पणी सबसे ज्यादा चर्चा में रही, जब उन्होंने कहा — “हम दुखी हैं कि NTA ने अब तक सबक नहीं सीखा।”
इस पूरे विवाद के बीच लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराज़गी और चिंता है। कई छात्रों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से उनका मानसिक दबाव बढ़ रहा है और भविष्य अनिश्चित होता जा रहा है।
अब सबकी निगाह सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और CBI जांच पर टिकी हुई है कि क्या इस बार परीक्षा प्रणाली में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा या फिर देश के छात्र हर साल इसी तरह की अनिश्चितता का सामना करते रहेंगे।
Disclaimer: मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट और जांच एजेंसियों के अधीन है। खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और अदालत की कार्यवाही पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
