भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी सात्विक स्वाइन, जिन्हें उनके प्रशंसक प्यार से “छोटू चेस विनर” और “लिटिल विज़ार्ड” भी कहते हैं, ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है।
ओडिशा के रहने वाले मात्र 10 वर्षीय इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपनी असाधारण रणनीतिक समझ और शांत खेल शैली से दुनिया भर के चेस जगत को प्रभावित किया है।मई 2026 में श्रीलंका के कालुतारा में आयोजित कॉमनवेल्थ यूथ चेस चैंपियनशिप में सात्विक ने अंडर-10 ओपन कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
इसके साथ ही उन्होंने रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट में भी दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कुल तीन पदक हासिल किए, जो उनकी निरंतर बढ़ती प्रतिभा को दर्शाता है।इससे पहले भी सात्विक ने FIDE World Cadets Cup जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई थी।
2025 में उन्होंने नेशनल अंडर-9 ओपन चेस चैंपियनशिप जीतकर देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं, जिसके बाद उनका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए हुआ।सात्विक स्वाइन के पास FIDE द्वारा दिया गया Candidate Master (CM) टाइटल भी है, जो उनकी असाधारण क्षमता को दर्शाता है।
उनकी FIDE रेटिंग 2060 से अधिक बताई जाती है, जो इतनी कम उम्र में बेहद दुर्लभ और उल्लेखनीय मानी जाती है।विशेषज्ञों का मानना है कि सात्विक जैसे खिलाड़ी भारत के भविष्य के ग्रैंडमास्टर्स की कतार में शामिल हो सकते हैं, जिनमें विश्व चैंपियन स्तर तक पहुंचने की क्षमता भी देखी जा रही है। उनकी सफलता न केवल ओडिशा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
