अंजना ओम कश्यप और लोकप्रिय शिक्षक खान सर के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ लेते हुए दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां इस मामले को गंभीर मानते हुए अदालत ने इसे मध्यस्थता यानी आपसी सुलह-समझौते के लिए भेजने का निर्देश दिया है, साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों को सोशल मीडिया पर चल रहे तीखे हमलों को तत्काल रोकने और विवाद को सभ्य तरीके से सुलझाने की सलाह दी है।
यह पूरा विवाद मई-जून 2026 के दौरान उस समय शुरू हुआ जब टीवी टुडे नेटवर्क के एक कार्यक्रम में अंजना ओम कश्यप ने देश में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब टीचर्स के प्रभाव, उनके बिजनेस मॉडल और सार्वजनिक टिप्पणियों पर सवाल उठाए थे,
इसके बाद खान सर (फैसल खान) सहित कई ऑनलाइन शिक्षक जैसे अभिनव शर्मा, बबीता त्यागी और अरविंद भदौरिया ने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर प्रतिक्रिया देते हुए चैनल और पत्रकार पर तीखी टिप्पणियां कीं, जिससे मामला और अधिक बढ़ गया।विवाद बढ़ने के बाद अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में ₹2 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर एक संगठित अभियान चलाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ वीडियो में निजी जानकारी सार्वजनिक करने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा हुईं।
दूसरी ओर खान सर और अन्य शिक्षकों की ओर से अदालत में कहा गया कि उनकी टिप्पणियां केवल प्रतिक्रिया स्वरूप थीं, हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी और कहा कि आलोचना की सीमा मर्यादा में रहनी चाहिए।
जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने स्पष्ट किया कि दोनों प्रतिष्ठित पक्षों को विवाद को और बढ़ाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए, जिसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया गया है, साथ ही कोर्ट ने विवादित पोस्ट और वीडियो हटाने के भी निर्देश दिए हैं।
