देशभर में पिछले 48 घंटों से जारी भारी मानसूनी बारिश का असर अब राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं, विशाल गड्ढे बन गए हैं और यातायात प्रभावित हुआ है। सबसे गंभीर स्थिति मुंबई–गुजरात हाईवे (NH-48), जयपुर की टोंक रोड और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर देखने को मिली है, जहां प्रशासन को आपातकालीन कार्रवाई करनी पड़ी।
मुंबई–गुजरात हाईवे पर पालघर जिले के महालक्ष्मी मंदिर के पास मुंबई की ओर जाने वाली लेन में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। लगातार बारिश के कारण सड़क की कंक्रीट परत उखड़ गई और नीचे मौजूद लोहे की सरिए (रीबार) बाहर आ गए। गुरुवार रात इस खतरनाक गड्ढे की वजह से कुछ ही मिनटों में कम से कम 15 वाहनों के टायर फट गए और कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में कैलाश टावर के सामने व्यस्त टोंक रोड का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। इस कारण पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर यातायात को डायवर्ट किया है।
जलभराव के चलते सड़क पर बने अन्य गड्ढों का पता लगाना भी मुश्किल हो रहा है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर बागपत के खेड़ा मस्तान क्षेत्र के पास भी भारी बारिश के कारण सड़क धंसने की घटना सामने आई थी। हालांकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आपातकालीन मरम्मत कर इस हिस्से को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया है।
साथ ही खराब ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान हाईवे पर सावधानी से वाहन चलाएं, क्योंकि बारिश के पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है और उनमें छिपे लोहे के सरिए या अन्य मलबा गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं।
