E20 पेट्रोल यानी 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसके फायदे और संभावित असर को लेकर स्थिति साफ की है। सोशल मीडिया पर E20 ईंधन को लेकर माइलेज कम होने, इंजन खराब होने और वाहन इंश्योरेंस रद्द होने जैसी कई आशंकाएं जताई जा रही थीं, जिन पर सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है।
हरदीप सिंह पुरी ने स्वीकार किया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले कुछ वाहनों में मामूली माइलेज गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि एथेनॉल की वजह से ईंधन का ऑक्टेन स्तर बढ़ता है, जिससे इंजन की कार्यक्षमता और परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है।
सरकार के अनुसार, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के परीक्षणों में लगभग 2% से 6% तक ईंधन दक्षता में कमी दर्ज की गई है, जो वाहन की उम्र और स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।मंत्री ने E20 को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही कई अफवाहों को भी खारिज किया।
उन्होंने कहा कि E20 से इंजन फेल होने, फ्यूल पंप खराब होने या बड़े पैमाने पर वाहनों के नुकसान का कोई प्रमाण नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से वाहन बीमा पॉलिसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इंश्योरेंस पूरी तरह वैध रहेगा।सरकार E20 को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
मंत्रालय के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग से भारत ने बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बचाई है और किसानों को भी घरेलू एथेनॉल उत्पादन के जरिए आर्थिक लाभ मिला है।
आने वाले समय में सरकार E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की तकनीक पर भी काम कर रही है, लेकिन सामान्य पेट्रोल के लिए E20 मिश्रण फिलहाल जारी रहेगा।
