मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर मंगलवार रात एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान कुछ समय के लिए एक ही रनवे पर आ गए। यह घटना रात करीब 9:40 से 10:00 बजे के बीच हुई और इसे विमानन क्षेत्र में बेहद गंभीर रनवे इन्कर्शन (Runway Incursion) माना जा रहा है। समय रहते एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की सतर्कता और पायलटों की त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटना टल गई।
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI816, जो मुंबई से नई दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी, बोइंग 777-300ER विमान के साथ रनवे 27 से टेकऑफ की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट AIX1547, जो बागडोगरा (सिलीगुड़ी) से मुंबई पहुंची थी, उसी रनवे पर लैंड कर चुकी थी और अभी तक रनवे पूरी तरह खाली नहीं कर पाई थी।
इसी बीच टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू होने से दोनों विमान कुछ समय के लिए एक ही रनवे पर आ गए।स्थिति का पता चलते ही ATC ने एयर इंडिया के पायलटों को तत्काल टेकऑफ रोकने का निर्देश दिया। पायलटों ने तुरंत विमान की गति रोकते हुए टेकऑफ निरस्त कर दिया। इसके बाद विमान को वापस पार्किंग बे में ले जाया गया, जहां उसके ब्रेक और अन्य तकनीकी प्रणालियों की अनिवार्य जांच की गई।
इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई और दोनों विमानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानों का संचालन होता है। ऐसे में इस तरह की घटना ने विमानन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि टेकऑफ की अनुमति कैसे दी गई, क्या एयर ट्रैफिक कंट्रोल और पायलटों के बीच संचार में कोई कमी रही या रनवे खाली होने की पुष्टि में चूक हुई।
एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि ATC के निर्देश पर फ्लाइट AI816 का टेकऑफ तत्काल रोक दिया गया और विमान को सुरक्षित वापस बे में लाया गया।
यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। मामले की जांच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित विमानन प्राधिकरणों द्वारा की जा रही है।
