नई दिल्ली: वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा। ताहिर हुसैन को हत्या, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने सहित कई धाराओं में दोषी ठहराया गया है।
हालांकि, अदालत ने उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120B) सहित कुछ आरोपों से बरी भी किया है। सजा पर अंतिम फैसला अगली सुनवाई में सुनाया जाएगा।फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन को पहले राजनीतिक संरक्षण मिला और अरविंद केजरीवाल,
सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी से इस मामले में सार्वजनिक माफी की मांग की। साथ ही कुछ विपक्षी नेताओं के बयानों पर भी सवाल उठाए गए।वहीं आम आदमी पार्टी ने कहा कि ताहिर हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद फरवरी 2020 में ही उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था और उसके बाद उनका AAP से कोई संबंध नहीं रहा। पार्टी ने यह भी कहा कि बाद में ताहिर हुसैन ने एक अन्य राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
अदालती फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। अब सभी की नजर अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा और इस मुद्दे पर आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
