सना एयरपोर्ट पर हमले से बढ़ा मध्य पूर्व का तनाव, हूतियों ने किया पलटवार

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। यमन की राजधानी सना स्थित एयरपोर्ट पर हुए हमले और उसके बाद हूती विद्रोहियों की प्रतिक्रिया ने क्षेत्र में जारी शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।रिपोर्टों के अनुसार, 13 जुलाई को सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे को निशाना बनाया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार, जिसे सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है, ने इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है। सरकारी पक्ष का कहना है कि यह कदम एक ऐसे ईरानी विमान को सना में उतरने से रोकने के लिए उठाया गया, जिस पर हथियार या सैन्य सामग्री लाने का संदेह था।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने इस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया और इसे वर्ष 2022 से लागू संघर्ष-विराम व्यवस्था का अंत बताया। हूती प्रवक्ता ने कहा कि इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।

इसके बाद सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र की ओर मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावे सामने आए, जबकि सऊदी पक्ष का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने इन खतरों को निष्क्रिय कर दिया।विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम केवल यमन तक सीमित नहीं है।

ईरान-सऊदी संबंध, लाल सागर में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्ष तनाव कम करने और दोनों पक्षों के बीच संवाद बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

फिलहाल स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है और क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

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