संसद का पहला दिन रहा तूफानी, NEET, CJP और कई मुद्दों पर जबरदस्त टकराव

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू हो गया, जिसकी शुरुआत पहले ही दिन जोरदार हंगामे और सरकार-विपक्ष के तीखे टकराव के साथ हुई।

लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में NEET-UG पेपर लीक, जंतर-मंतर पर CJP और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तथा राम मंदिर दान से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।

लगातार शोर-शराबे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः पहले दिन की बैठक समय से पहले समाप्त कर दी गई। संसद पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील की।

उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की 7.7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का उल्लेख किया और हाल ही में निजी कंपनी Skyroot Aerospace के Vikram-1 रॉकेट लॉन्च की सराहना करते हुए देश के युवा वैज्ञानिकों की उपलब्धि को रेखांकित किया।

हंगामे के बावजूद सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी पूरे किए। लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 पेश किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव है।

वहीं राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 पेश किया। 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस मानसून सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी, जिनमें सरकार 28 लंबित और नए विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

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