दिल्ली में चल रहा Cockroach Janta Party (CJP) का छात्र आंदोलन अब एक नए और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार के ‘संसद चलो’ मार्च के बाद हुई पुलिस कार्रवाई और छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में CJP नेताओं सौरव दास,
आशुतोष रांका और दीपक बलियान ने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय को मंगलवार शाम 8 बजे तक सभी छात्रों व कार्यकर्ताओं को रिहा करने का अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी गई कि समयसीमा पूरी होने पर दिल्ली पुलिस मुख्यालय (ITO) के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। संभावित टकराव को देखते हुए पुलिस ने PHQ के बाहर भारी सुरक्षा, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त बल तैनात किया, जिसके बाद देर रात बड़ी संख्या में हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा कर दिया गया।
इसी बीच CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को वायरल ‘बर्गर वीडियो’ विवाद के बाद तत्काल प्रभाव से सभी पदों से हटा दिया। वीडियो में वह फास्ट-फूड आउटलेट में दिखाई दिए थे, जबकि बाहर छात्र पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे। उनके बयान-“हाँ, मैं बर्गर खाऊँगा”-पर तीखी आलोचना हुई, जिसके बाद पार्टी ने इसे आंदोलन की भावना के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की।
दूसरी ओर आंदोलन को अब पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों, सिख संस्थाओं और सामाजिक समूहों का खुला समर्थन मिलने लगा है।
जंतर-मंतर पर लगातार लंगर, मेडिकल कैंप, दवाइयाँ, ORS, पानी, रेनकोट, गद्दे और अन्य राहत सामग्री पहुँच रही है, जबकि किसान नेताओं ने जरूरत पड़ने पर छात्रों की सुरक्षा के लिए मानव ढाल बनने का ऐलान किया है।
उधर दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इस आंदोलन को प्रमुखता से उठाया है।
दिल्ली पुलिस 250 से अधिक CCTV, ड्रोन और बॉडी-कैम वीडियो की जांच कर रही है, जबकि स्वयंसेवकों ने हिरासत में लिए गए छात्रों के लिए ऑनलाइन ट्रैकर, क्राउडफंड मेडिकल सहायता और मुफ्त कानूनी हेल्पलाइन शुरू की है।
संसद के भीतर विपक्ष पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि CJP ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर उसका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से वह पीछे नहीं हटेगा।
