ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला खिलाड़ियों का दबदबा, भारत के 10 में से 5 मेडल बेटियों के नाम

ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ी देश के प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी हैं। 28 जुलाई 2026 तक भारत ने कुल 10 मेडल जीते हैं, जिसमें महिला खिलाड़ियों का योगदान शानदार रहा है।

भारतीय महिला एथलीटों ने अब तक 5 मेडल (2 गोल्ड, 1 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज) अपने नाम किए हैं।भारत के दोनों गोल्ड मेडल महिला खिलाड़ियों ने दिलाए हैं। मणिपुर की स्टार वेटलिफ्टर सैखोम मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया।

नोंगपोक काकचिंग गांव से आने वाली मीराबाई ने बचपन में भारी लकड़ियां उठाकर अपनी ताकत को निखारा था। टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट और वर्ल्ड चैंपियन मीराबाई ने ग्लासगो में अपना तीसरा लगातार कॉमनवेल्थ गोल्ड (2018, 2022 और 2026) हासिल किया।दूसरा गोल्ड भारत को शर्मिला धनकर ने दिलाया।

उन्होंने पैरा एथलेटिक्स की महिलाओं की शॉट पुट F57 कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। शर्मिला ने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स पैरा एथलेटिक्स में पहला गोल्ड मेडल हासिल किया।वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली 23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी ने अपने कॉमनवेल्थ डेब्यू में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया।मणिपुर की बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतने वाली बिंद्यारानी ने ग्लासगो में लगातार दूसरी बार पोडियम फिनिश हासिल की।वहीं पैरा एथलीट शिल्पा के. शायला ने महिलाओं की शॉट पुट F57 में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

भारतीय टीम की अपील के बाद उनके स्थान में बदलाव हुआ और उन्होंने शर्मिला धनकर के साथ मिलकर ग्लासगो 2026 में पैरा एथलेटिक्स में भारत का ऐतिहासिक डबल पोडियम फिनिश पूरा किया।पुरुष खिलाड़ियों ने भी भारत के मेडल अभियान में अहम योगदान दिया है।

एथलेटिक्स में महाराष्ट्र के सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष हाई जंप सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।वेटलिफ्टिंग में वल्लुरी अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर जीता। आंध्र प्रदेश के अजय बाबू ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर अपने बड़े मल्टी-स्पोर्ट गेम्स डेब्यू को यादगार बनाया।

इसके अलावा के. ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में सिल्वर जीता और स्नैच इवेंट में गेम्स रिकॉर्ड बनाया। तमिलनाडु के मुथुपांडी राजा ने पुरुषों की 65 किलोग्राम कैटेगरी में 286 किलोग्राम का कुल वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया।भारत का पहला मेडल ग्लासगो 2026 में पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने जीता था।

उन्होंने पुरुषों के हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर भारत का खाता खोला।28 जुलाई 2026 तक मेडल टैली में भारत 2 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 10 मेडल के साथ आठवें स्थान पर है।

महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने इस बार भारत की उम्मीदों को नई ऊंचाई दी है।आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय महिला खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें हैं।

बॉक्सिंग में ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन और प्रीति पदक की दौड़ में हैं, जबकि स्क्वैश में 18 वर्षीय वर्ल्ड जूनियर चैंपियन अनाहत सिंह भारत की चुनौती संभाल रही हैं।

ग्लासगो 2026 में भारतीय बेटियों का प्रदर्शन यह दिखा रहा है कि देश की महिला खिलाड़ी अब सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि इतिहास बनाने के लिए मैदान में उतर रही हैं।

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