बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक मामला: डार्क वेब पर 1TB डेटा चोरी का दावा, बैंक ने कहा- कोर सिस्टम सुरक्षित

देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) में कथित साइबर सेंध का मामला सामने आया है। 25-26 जुलाई 2026 के दौरान एक रैनसमवेयर ग्रुप Triple X ने डार्क वेब फोरम पर दावा किया कि उसने बैंक के सिस्टम से करीब 700GB से 1TB तक डेटा चोरी किया है। इस दावे के बाद बैंक ने साइबर सुरक्षा घटना की पुष्टि की और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने बताया कि यह घटना बैंक के मुख्य सिस्टम पर हुए किसी सीधे हमले से नहीं, बल्कि एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के समझौता (Business Email Compromise) होने से जुड़ी है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के शुरुआती विश्लेषण के अनुसार, हमलावरों ने कमजोर पासवर्ड या चोरी हुए लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए कर्मचारी के अकाउंट तक पहुंच बनाई और वहां से इंटरनल फाइल स्टोरेज और शेयरिंग सिस्टम तक पहुंच हासिल की।

हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसका Finacle और Core Banking System (CBS) पूरी तरह सुरक्षित है। बैंक के अनुसार, ग्राहकों के खाते, बैलेंस और लेनदेन से जुड़े मुख्य सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ा है। बैंक ने साइबर घटना प्रतिक्रिया प्रक्रिया शुरू कर दी है और CERT-In से मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक एजेंसी के जरिए पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।

साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं द्वारा डार्क वेब पर उपलब्ध कुछ सैंपल फाइलों के विश्लेषण में दावा किया गया है कि कथित रूप से करीब 92,000 फाइलें लीक हुई हैं। इनमें ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, पते, अकाउंट खोलने के फॉर्म, PAN कार्ड और आधार कॉपी जैसी व्यक्तिगत जानकारियां, लोन से जुड़े दस्तावेज, ग्राहक सहायता रिकॉर्ड और बैंक के आंतरिक ऑडिट व ब्रांच दस्तावेज शामिल होने की बात कही जा रही है।

बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा है कि इस घटना का बैंक के वित्तीय प्रदर्शन या सामान्य कामकाज पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। बैंक ने यह भी कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में कितना डेटा प्रभावित हुआ है और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

इस घटना के बाद साइबर विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्राहकों से कहा गया है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, UPI PIN या पासवर्ड साझा न करें।

साथ ही नेट बैंकिंग पासवर्ड अपडेट करने, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने और अपने बैंक खाते की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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