बारिश में मासूम को निगल गया खुला नाला! बुलंदशहर की चारू कश्यप त्रासदी ने उठाए स्कूल और प्रशासन पर बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। साठा मोहल्ले के धर्मपाल वाली गली निवासी 10 वर्षीय चारू कश्यप, जो सुशीला पब्लिक स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा थी, मंगलवार 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल से घर लौटते समय तेज बहाव वाले खुले नाले में बह गई। यह हादसा भूतश्वर मंदिर के पास उस समय हुआ, जब जलभराव के कारण सड़क और नाले में कोई फर्क दिखाई नहीं दे रहा था।


परिजनों का आरोप है कि भारी बारिश और जलभराव के बावजूद स्कूल प्रशासन ने छोटे बच्चों को बिना अभिभावकों को सूचना दिए घर भेज दिया। चारू के पिता रिंकू कुमार ने बताया कि स्कूल ने उसकी किताबें और बैग भीगने से बचाने के लिए स्कूल में ही रख लिया, लेकिन उनकी मासूम बेटी को अकेले घर जाने के लिए छोड़ दिया। रोज़ परिवार का कोई सदस्य उसे लेने जाता था, लेकिन उस दिन किसी को सूचना तक नहीं दी गई।


घर से महज़ 500 मीटर दूर चारू पानी से भरी सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान उसने एक दुकान के बाहर बने कंक्रीट स्लैब पर कदम रखने की कोशिश की, लेकिन उसके नीचे मौजूद करीब 4 फीट चौड़ा और 6 फीट गहरा नाला पूरी तरह पानी में छिपा हुआ था। संतुलन बिगड़ते ही वह तेज बहाव में गिर गई। एक दुकानदार ने उसका हाथ पकड़ने की कोशिश की, जबकि उसका 17 वर्षीय भाई गगन भी उसे लेने पहुंच रहा था, लेकिन तेज धारा के सामने सभी प्रयास बेकार साबित हुए और चारू देखते ही देखते नाले में बह गई।


घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ, पीएसी, स्थानीय पुलिस, फायर विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नाले के ऊपर बने अवैध कंक्रीट स्लैब और अतिक्रमण को जेसीबी मशीनों से हटाया गया, हाई-कैपेसिटी पंप लगाए गए और मैनहोल से लेकर नाले के पूरे रास्ते की तलाशी ली गई। चूंकि यह नाला आगे जाकर काली नदी में मिलता है, इसलिए एनडीआरएफ की टीमें और गोताखोर अब नदी के डाउनस्ट्रीम हिस्सों में भी लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं। भारी बारिश, तेज बहाव, कीचड़ और गाद के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं।


हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने एडीएम स्तर की जांच के आदेश दिए हैं और चारू के पिता की शिकायत पर सुशीला पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रशासन ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने की भी बात कही है। वहीं नगर पालिका के अधिकारियों ने दावा किया कि नाले की सफाई कुछ महीने पहले कराई गई थी, लेकिन अवैध स्लैब और अतिक्रमण के कारण खतरा बढ़ गया। नगर पालिका ने शहर के ऐसे सभी खुले और संवेदनशील नालों को सुरक्षित करने का आश्वासन दिया है।


यह घटना केवल एक मासूम बच्ची के लापता होने की कहानी नहीं, बल्कि स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी, खुले नालों की सुरक्षा और बरसात के दौरान शहरी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पूरे शहर की निगाहें अब सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं और लोग चारू के सुरक्षित मिलने की दुआ कर रहे हैं।

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