NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में आए Cockroach Janta Party (CJP) ने अब अपने अगले चरण की रणनीति का ऐलान किया है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में हुई रणनीतिक बैठक में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास व आशुतोष रांका ने साफ किया कि संगठन चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय एक राष्ट्रीय “प्रेशर ग्रुप” के रूप में काम करेगा।
अभिजीत दिपके ने कहा कि देश को एक और राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि ऐसी आवाज की जरूरत है जो संस्थानों से जवाबदेही की मांग कर सके। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भरोसे, रोजगार और व्यवस्था में पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।
बैठक के दौरान CJP ने झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को भी समर्थन देने की घोषणा की। संगठन ने कहा कि वह जल्द ही प्रदर्शनकारी छात्रों से जुड़ने के लिए झारखंड जाएगा।
वहीं, CJP को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल भी उठे। कुछ लोगों ने संगठन के नेताओं की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि को लेकर “एलीट एक्टिविज्म” की बहस छेड़ी, जबकि CJP ने जवाब दिया कि नीतिगत लड़ाई के लिए शिक्षा और संस्थागत समझ ताकत बन सकती है।
इसके अलावा प्रवक्ता सौरव दास के घर में कथित मीडिया घुसपैठ के मामले ने भी विवाद खड़ा किया। CJP ने इसे निजता का उल्लंघन बताते हुए विरोध जताया।
अब देखना होगा कि CJP एक छात्र आंदोलन से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही की मुहिम को कितना प्रभावी बना पाता है।
