दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में देर रात का एक मामूली विवाद बेहद दर्दनाक घटना में बदल गया। मणिपुर के जाने-माने गिटारिस्ट और संगीत शिक्षक चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित तौर पर एक समूह द्वारा की गई मारपीट के बाद मौत हो गई। 55 वर्षीय विक्रम सिंह को रविवार रात घर के बाहर शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने के बाद कथित रूप से पीटा गया था। गंभीर हालत में उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत blunt-force trauma के कारण हुए haemorrhagic shock से हुई।
परिवार के मुताबिक, घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे की है। विक्रम सिंह कचरा फेंकने के लिए नीचे आए थे और घर के बाहर मौजूद लोगों से शोर कम करने को कहा। इसके बाद कहासुनी बढ़ गई और आरोप है कि कुछ लोगों ने उनका पीछा करते हुए इमारत की सीढ़ियों तक उनका पीछा किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में ज्यादातर delivery executives और आसपास के eateries से जुड़े लोग थे। पुलिस ने मामले में सात वयस्कों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
विक्रम सिंह सिर्फ एक स्थानीय संगीत शिक्षक नहीं थे, बल्कि मणिपुर के Western और rock music scene के शुरुआती दौर के महत्वपूर्ण कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने Phoenix और Ultra Vires जैसे बैंड के साथ lead guitarist के रूप में काम किया था। बाद में दिल्ली में उन्होंने संगीत सिखाने को अपना जीवन समर्पित कर दिया और करीब दो दशकों तक युवा संगीतकारों को प्रशिक्षण दिया। वह प्रसिद्ध मणिपुरी गायिका चोंगथाम कमला के बेटे थे, जिन्हें कई लोग ‘Manipur’s Lata Mangeshkar’ के नाम से जानते हैं।
घटना के बाद Northeast समुदाय और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश है। North East Students’ Society, Delhi University समेत कई संगठनों ने निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है। कुछ संगठनों ने इसे Northeastern लोगों के खिलाफ हिंसा के व्यापक पैटर्न से जोड़ते हुए racial motive की जांच की मांग की है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अभी तक किसी racial motive की पुष्टि नहीं हुई है और घटना के पीछे के कारणों की जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में Northeast से आने वाले लोगों की सुरक्षा और स्थानीय कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसे कलाकार की मौत, जिसने अपनी जिंदगी संगीत और अगली पीढ़ी को सिखाने में लगा दी, अब सिर्फ एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं रह गई है।
जांच यह तय करेगी कि विवाद आखिर किस स्तर तक बढ़ा, किसकी क्या भूमिका थी और क्या इसके पीछे किसी तरह का सामुदायिक या नस्लीय कोण भी मौजूद था। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और सात गिरफ्तारियों के साथ एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
