लोकप्रिय तेलुगु YouTuber और ‘Nandu’s World’ चैनल की संचालक रमा नंदना को सोमवार को हैदराबाद के शमशाबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ जारी Lookout Circular (LOC) के आधार पर यह कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें आगे की पूछताछ और जांच के लिए इब्राहिमपट्टनम पुलिस के हवाले किया गया है।
रमा नंदना और उनके पति जगर्लामुडी मधुकर पर UK में नौकरी, वीजा से जुड़ी सेवाएं और Certificate of Sponsorship (CoS) दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये लेने के आरोप हैं। मामला आंध्र प्रदेश के NTR जिले के इब्राहिमपट्टनम थाने में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मामिल्लापल्ली शिवकांति कुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने UK वीजा एक्सटेंशन, नौकरी और अपनी पत्नी के लिए CoS हासिल करने के लिए Destiny Consultancy से संपर्क किया और करीब ₹15 लाख कई किस्तों में संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर किए। उनके मुताबिक बाद में दिया गया CoS फर्जी निकला और पैसे वापस मांगने पर करीब ₹2 लाख ही लौटाए गए।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस मामले में मधुकर को A1, रमा नंदना को A2 और मधुकर के पिता मोहन राव को A3 आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में UK नौकरी और वीजा से जुड़े अन्य लोगों की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिनमें ₹15–20 लाख तक की रकम गंवाने के दावे किए गए हैं। हालांकि कथित कुल घोटाले की रकम और पीड़ितों की वास्तविक संख्या की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामले में नंदना ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है। अपने सार्वजनिक बयान में उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही उनके पति Destiny Consultancy चलाते हैं और उनके नाम तथा पहचान का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने पूरे मामले को व्यक्तिगत विवादों से जुड़ा एक टारगेटेड कैंपेन बताया है। दंपति ने FIR को रद्द कराने की मांग को लेकर आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का रुख भी किया है।
नंदना की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ‘Nandu’s World’ के जरिए वह और उनके पति लंबे समय से Telugu-speaking दर्शकों के बीच चर्चित रहे हैं। नंदना ने अभिनेता चिरंजीवी की फिल्म ‘Mana Shankara Varaprasad’ में भी भूमिका निभाई थी। ऐसे में अब UK जॉब और वीजा से जुड़े आरोपों में उनकी हिरासत ने पूरे मामले को और सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच का फोकस कथित लेन-देन, Destiny Consultancy से संबंध, CoS दस्तावेजों और शिकायतों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पर है।
