जापान के आइची-नागोया में हो रहे 2026 एशियन गेम्स की शुरुआत खेलों से पहले ही एक बड़े लॉजिस्टिक विवाद के साथ हुई। जिस आयोजन से जापानी व्यवस्था और सटीक प्रबंधन की मिसाल पेश होने की उम्मीद थी, वहां कई देशों के खिलाड़ियों और अधिकारियों को कमरे, भोजन, accreditation और transport के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
इस बार पारंपरिक केंद्रीय Athletes’ Village बनाने के बजाय आयोजकों ने होटल, कंटेनर-स्टाइल यूनिट्स और नागोया पोर्ट पर खड़े इतालवी क्रूज शिप Costa Serena को accommodation व्यवस्था का हिस्सा बनाया है। करीब 17,000 athletes और officials की संख्या अनुमान से बढ़कर लगभग 17,000 से अधिक पहुंचने के बाद व्यवस्था पर दबाव बढ़ा।
भारत समेत कई देशों के दलों को check-in के दौरान परेशानी हुई। भारतीय rowers को Costa Serena पर कमरे मिलने में कई घंटे लगे और कुछ खिलाड़ियों को भोजन की समस्या भी हुई। शूटिंग और अन्य दलों को venue तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ी। कुछ भारतीय खिलाड़ियों के कमरे original allocation से मेल नहीं खाते थे।
भारतीय pistol coach Samaresh Jung को accreditation से जुड़ी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी arena access प्रभावित हुई। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ खिलाड़ियों को 12 से 14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
भारत अकेला प्रभावित देश नहीं था। Thailand की Sepak Takraw टीम के accommodation records नहीं मिलने के बाद उसके सदस्यों को Costa Serena की lobby में फर्श पर इंतजार करते देखा गया।
China, Vietnam और South Korea के दलों से भी accommodation और transport संबंधी दिक्कतें सामने आईं। South Korea की football team को गलत venue ले जाने की घटना भी सामने आई।
इसी बीच South Korea ने एक अलग विवाद पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। Costa Serena के स्वागत समारोह में जापानी अभिनेता Toyotomi Hideyoshi के रूप में नजर आया।
Hideyoshi वही ऐतिहासिक शासक था जिसके नेतृत्व में 16वीं सदी में जापान ने कोरिया पर आक्रमण किया था। Korean Sport & Olympic Committee ने इस प्रस्तुति को लेकर आयोजन समिति और Olympic Council of Asia से शिकायत की।
आयोजकों ने शुरुआती दिक्कतों को स्वीकार किया है और कहा है कि बढ़ी हुई भागीदारी तथा तकनीकी समस्याओं ने व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला। OCA और आयोजन समिति का कहना है कि सभी पंजीकृत खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए Games-appropriate accommodation उपलब्ध कराया गया है।
वहीं आलोचना का केंद्र यही सवाल बना हुआ है कि sustainability और cost-saving के लिए चुना गया decentralized मॉडल क्या इतने बड़े multi-sport event की arrival logistics के लिए पर्याप्त रूप से तैयार था।
सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों के इंतजार, container-style rooms और cruise ship accommodation से जुड़े वीडियो और तस्वीरों ने इस विवाद को और बड़ा कर दिया है। हालांकि कई वायरल दावों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती दिनों की accommodation और transport समस्याओं की रिपोर्टें कई स्वतंत्र स्रोतों में सामने आई हैं।
