इजरायल और हमास के बीच जंग को रोकने और बंधकों को रिहा करने के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में शांति वार्ता चल रही है। शनिवार शाम को हमास के नेता काहिरा पहुंचे, जहां पहले से ही इजरायल, अमेरिका, मिस्र, और कतर के प्रतिनिधि वार्ता के लिए मौजूद थे। इस बातचीत से युद्ध के खत्म होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बमबारी शुरू हो गई?
कुछ हफ्ते पहले, इजरायल ने ईरान में घुसकर हमास के नेता इस्माइल हानिया की हत्या कर दी थी। इसके कुछ दिनों बाद, इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमला किया, जिसमें हिजबुल्लाह के वरिष्ठ सैन्य कमांडर फौद शुक्र को मार गिराया गया। उस समय हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह ने इजरायल को तबाह करने की कसम खाई थी। दोनों पक्ष सही समय का इंतजार कर रहे थे। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही उन्हें लगा कि शांति वार्ता के कारण इजरायल थोड़ी ढिलाई बरत रहा है, उन्होंने अचानक हमला कर दिया और इजरायल पर रॉकेटों की बौछार कर दी। हमले के कुछ देर बाद ही हिजबुल्लाह ने घोषणा की कि उन्होंने अपने कमांडर की मौत का बदला ले लिया है। लेकिन इजरायल भी पूरी तरह तैयार था और उसने जोरदार जवाबी कार्रवाई की।
योजना क्या है? अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मई में 3 चरणों की एक योजना पेश की थी। इसमें पहले बंधकों की रिहाई, फिर युद्धविराम, और उसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत का प्रावधान था। अमेरिका चाहता है कि इजरायल और हमास इस योजना को मान लें। इजरायल पहले ही इस पर सहमति जता चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वे जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वहीं, हमास की मांग है कि इजरायल अपनी पुरानी स्थिति में लौट जाए।
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