उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश का पहला समर्पित “अग्निवीर रोजगार सेल” स्थापित करने की घोषणा की है। इस सेल का उद्देश्य चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रोजगार, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, यह सेल एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा, जो अग्निवीरों को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों से जोड़ेगा। इसमें उनकी सैन्य ट्रेनिंग, तकनीकी कौशल और योग्यता के आधार पर करियर विकल्प तैयार किए जाएंगे।
यह पहल उत्तराखंड सरकार की पहले से लागू पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण नीति को और मजबूत करेगी। राज्य की पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन सेवाओं सहित कई सरकारी क्षेत्रों में उन्हें भर्ती के दौरान प्राथमिकता, उम्र में छूट और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।सरकार अग्निवीरों को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
सीमावर्ती गांवों में स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, वहीं पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को आर्थिक सहायता और विशेष लाभ दिए जाएंगे।सरकार का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर 2026 से पहले अग्निवीर रोजगार सेल पूरी तरह सक्रिय हो जाए, क्योंकि इसी समय उत्तराखंड के करीब 1,200 अग्निवीरों का पहला बैच चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर वापस लौटेगा। यह सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की निगरानी में काम करेगा, जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तेज निर्णय सुनिश्चित हो सके।
रोजगार के लिए सेल ने 50 से ज्यादा क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा सेवाएं, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खेल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। लौटने वाले अग्निवीरों का एक डिजिटल स्किल बैंक तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी सैन्य विशेषज्ञता और प्रशिक्षण की जानकारी दर्ज होगी।
इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त कौशल की जरूरत होगी, वहां अग्निवीरों के लिए छोटे अवधि के कैप्सूल ट्रेनिंग कोर्स भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे सैन्य सेवा के बाद कॉर्पोरेट और अन्य क्षेत्रों में आसानी से करियर बना सकें।उत्तराखंड सरकार युवाओं को सेना भर्ती के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग भी उपलब्ध करा रही है।
सरकार का कहना है कि यह पहल अग्निवीरों के लिए सम्मानजनक रोजगार के रास्ते खोलेगी और राज्य के युवाओं को सैन्य सेवा के बाद बेहतर भविष्य देने में मदद करेगी।
