जब लाखों श्रद्धालु उमड़े और सांसें थमने लगीं: पुरी रथ यात्रा में हादसे की पूरी कहानी

ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़, लगातार बारिश और उमस के बीच एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जिसमें दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी के बड़ा दांडा (ग्रैंड रोड) पर पहुंचे थे। खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और बारिश के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति भी बन गई।

दोपहर करीब 1 बजे पहांडी विजय की रस्म पूरी होने के बाद मरिचिकोट चौक के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धक्का-मुक्की के दौरान कुछ लोग गिर गए, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई।

भारी भीड़ और दमघोंटू माहौल के कारण कई श्रद्धालु बेहोश हो गए और उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। इस हादसे में आंध्र प्रदेश के श्रद्धालु सूर्य प्रकाश राव (60+) और कटक निवासी अनिल दास (35) की मौत हो गई। प्रशासन के अनुसार, कई लोगों को थकान, डिहाइड्रेशन और भीड़ में गिरने से चोटें आईं, जबकि 100 से अधिक श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फायर सर्विस, पुलिस और मेडिकल टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और भीड़ के बीच से बेहोश लोगों को निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। भीड़ की स्थिति को देखते हुए रथ खींचने की प्रक्रिया भी निर्धारित समय से देर से शुरू हुई।

ओडिशा सरकार ने कहा कि यह घटना किसी बड़ी भगदड़ के बजाय भारी भीड़, खराब मौसम और शारीरिक थकान के कारण हुई, जबकि विपक्ष ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

यह घटना एक बार फिर देश में बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बेहतर क्राउड मैनेजमेंट, मेडिकल तैयारी और आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत को सामने लाती है।

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