दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Cockroach Janta Party (CJP) के छात्र आंदोलन के बीच सुरक्षा व्यवस्था अब तक के सबसे बड़े स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर कोलकाता से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां-करीब 2,000 जवान-भारतीय वायुसेना की मदद से दिल्ली एयरलिफ्ट की गईं।
इससे पहले ही लगभग 30 कंपनियां CRPF और RAF दिल्ली पुलिस के साथ तैनात थीं। अब संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बलों की अभूतपूर्व मौजूदगी देखने को मिल रही है।ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अलावा RAF, CRPF, CISF और विभिन्न राज्यों से आए सुरक्षा कर्मी भी तैनात किए गए। फोटो और वीडियो में जम्मू-कश्मीर, नागालैंड और अन्य राज्यों के विशेष बलों के जवान भी नजर आए।
प्रदर्शन स्थल पर स्टील बैरिकेड, वाटर कैनन, दंगा-रोधी वाहन और अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बनाया गया। मेडिकल रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि सुरक्षा बलों के पास विशेष दंगा-रोधी उपकरण, शॉक बैटन और अन्य नॉन-लेथल गियर मौजूद थे।
भारी सुरक्षा के बीच CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं प्रभावित की गईं और प्रदर्शन स्थल को चारों ओर से घेर लिया गया है। उन्होंने सुरक्षा बलों से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग न करने की अपील की।
इस तैनाती ने छात्रों और आम नागरिकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया पैदा की। कई छात्रों ने सवाल उठाया, हम किताब, कलम और गुलाब लेकर आए हैं,क्या हम छात्र हैं या आतंकवादी? भारी सुरक्षा और लगातार बैरिकेडिंग से कई युवा प्रदर्शनकारी और उनके परिवार भयभीत नजर आए।
इसके बावजूद छात्रों ने जवानों को फूल भेंट कर “Pen is mightier than the baton” जैसे नारे लगाए और शांतिपूर्ण विरोध जारी रखा।
सोशल मीडिया पर भी इस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि परीक्षा माफिया पर कार्रवाई के बजाय हजारों सुरक्षाकर्मियों को छात्रों के खिलाफ क्यों लगाया गया।
वहीं विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बताया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों की टीमों ने भी चेतावनी दी कि किसी भी अवैध हिरासत या अत्यधिक बल प्रयोग को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
