संसद में गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने काले कपड़ों और ब्लैक आर्मबैंड के साथ एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा। स्लाइड प्रेजेंटेशन के जरिए उन्होंने कई आंकड़े पेश करते हुए इसे देश के युवाओं के भविष्य का संकट बताया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 बड़े पेपर लीक हुए, यानी औसतन हर महीने एक बड़ा पेपर लीक हुआ। उनके अनुसार इससे 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों पर सीधा असर पड़ा, जबकि अब तक किसी बड़े पेपर लीक सिंडिकेट या मास्टरमाइंड को सजा नहीं मिली।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लीक हुए प्रश्नपत्रों की काला बाज़ारी खुलेआम होती है। उनके अनुसार NEET पेपर की कीमत ₹40 लाख, IIT-JEE ₹15 लाख, उत्तराखंड पटवारी ₹15 लाख, बिहार सरकारी नौकरी ₹10 लाख और ओडिशा SI परीक्षा ₹25 लाख तक पहुंच गई।आर्थिक पहलू पर राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र का शिक्षा बजट ₹1.4 लाख करोड़ है, जबकि केवल NEET की तैयारी, कोचिंग, यात्रा और परीक्षा पर परिवार हर साल करीब ₹1.32 लाख करोड़ खर्च करते हैं।
उन्होंने इसे छात्रों और मध्यम वर्ग पर “छिपा हुआ आर्थिक बोझ” बताया।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ‘संसद चलो’ मार्च का 50 सेकंड का वीडियो भी दिखाया, जिसमें छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और हिरासत की तस्वीरें थीं।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?” साथ ही परीक्षा रद्द होने से छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और आत्महत्या के मामलों का भी जिक्र किया। देहरादून की रिया कुमारी का मामला सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि हर रद्द हुई परीक्षा के पीछे एक परिवार का दर्द छिपा होता है।
राहुल गांधी ने तीन प्रमुख मांगें रखीं-शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में छात्रों से माफी। इसके अलावा उन्होंने GMAT जैसी डिजिटल रैंडम परीक्षा प्रणाली, निश्चित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर और छात्र-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया।
वहीं भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष शासित राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर चुनिंदा आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया।
इसके जवाब में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
