लीमा: पेरू के विश्व प्रसिद्ध नाज़्का लाइंस (Nazca Lines) की हवाई सैर पर निकला एक टूरिस्ट विमान भीषण हादसे का शिकार हो गया। एरोडियाना (Aerodiana) एयरलाइन का सेसना ग्रैंड कैरावान (C-208) विमान नाज़्का शहर के पास रेगिस्तानी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे किसी के बचने की संभावना नहीं रही।
जानकारी के अनुसार, विमान ने पिस्को एयरपोर्ट से दोपहर करीब 12:10 बजे (स्थानीय समय) उड़ान भरी थी। यह उड़ान यूनेस्को विश्व धरोहर नाज़्का लाइंस के ऊपर कम ऊंचाई पर पर्यटकों को हवाई सैर कराने के लिए संचालित की जा रही थी। उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद, करीब 1:00 बजे, पायलट ने नाज़्का एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इन-फ्लाइट इमरजेंसी का संदेश भेजा। इसके तुरंत बाद विमान से संपर्क पूरी तरह टूट गया।
कुछ ही देर बाद विमान सोकोस/पुएब्लो विएजो (विस्ता अलेग्रे) क्षेत्र में, नाज़्का शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर रेगिस्तानी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने पहले तेज धमाके की आवाज सुनी और फिर घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता देखा। विमान जमीन से टकराते ही आग की लपटों में घिर गया, जिससे बचाव कार्य शुरू होने से पहले ही सभी यात्रियों की मौत हो चुकी थी।
हादसे में जान गंवाने वालों में 11 विदेशी पर्यटक और 2 पेरूवियन क्रू सदस्य शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में 7 इतालवी, 2 स्पेनिश और 2 जर्मन नागरिक थे, जिनकी उम्र 18 से 78 वर्ष के बीच थी। वहीं विमान के पायलट कैप्टन अमेरिको सालाज़ार कुएलार और सह-पायलट इरेन्का गुआनिलो डेल कार्पियो भी हादसे में मारे गए।
पेरू के परिवहन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGAC) और विमान दुर्घटना जांच आयोग (CIAA) ने दुर्घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसे की वजह तकनीकी खराबी, मौसम या कोई अन्य कारण था। विमान के मलबे और उड़ान से जुड़े तकनीकी डेटा की भी जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे से एक दिन पहले इका-नाज़्का क्षेत्र में तेज रेत के तूफान आए थे। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन मौसमीय परिस्थितियों का विमान की उड़ान पर कोई असर पड़ा था।
पेरू की राष्ट्रपति केइको फुजीमोरी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक पिस्को एयरपोर्ट से संचालित पर्यटन उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने पर भी सरकार विचार कर रही है।
यह हादसा एक बार फिर नाज़्का लाइंस के ऊपर संचालित होने वाली पर्यटन उड़ानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। इससे पहले भी 2022, 2010 और 2008 में इसी क्षेत्र में कई घातक विमान हादसे हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कम ऊंचाई पर उड़ान, रेगिस्तानी हवाएं और तकनीकी चुनौतियां इस क्षेत्र को उड़ान संचालन के लिहाज से संवेदनशील बनाती हैं।
दुनिया भर से हजारों पर्यटक हर साल नाज़्का लाइंस की रहस्यमयी आकृतियों-जैसे हमिंगबर्ड, मकड़ी और बंदर – को आसमान से देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन इस दर्दनाक हादसे के बाद पेरू में पर्यटन उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर जांच के दायरे में आ गई है।
