लगातार विरोध के बाद ‘सात मोड़’ में ट्री फेलिंग पर रोक, 3,900 से अधिक पेड़ों को मिली राहत

उत्तराखंड के चर्चित ‘सात मोड़’ क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर राज्य सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 जुलाई की शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी घोषणा करते हुए प्रशासन को तत्काल सभी कटाई कार्य रोकने के निर्देश दिए। यह फैसला लगभग एक सप्ताह तक चले लगातार विरोध प्रदर्शनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं के आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद लिया गया।

आंदोलन के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, छात्रों और पर्यावरण प्रेमियों ने 100 से 200 वर्ष पुराने साल के पेड़ों से चिपककर कटाई का विरोध किया और बारिश के बीच जंगल में डेरा डाले रखा।

कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने लकड़ी काटने वाली मशीनों को हटाकर काम रुकवा दिया। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आंदोलनकारियों की मुलाकात के बाद इस मुद्दे को संसद में उठाने की बात सामने आई, जिससे राजनीतिक दबाव और बढ़ गया।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि विशेषज्ञों, स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ सहमति बनने तक कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा तथा वैकल्पिक इंजीनियरिंग विकल्पों की भी समीक्षा की जाएगी।

इस परियोजना के तहत कुल 4,369 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित थी, जिनमें से लगभग 400 पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं, जबकि 3,900 से अधिक पेड़ फिलहाल सुरक्षित हैं। आंदोलन में पर्यावरण संगठनों, छात्र समूहों, उत्तराखंड क्रांति दल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिला मंगल दलों सहित हजारों लोगों ने भाग लिया।

फिलहाल सड़क चौड़ीकरण का कार्य स्थगित है और सरकार आगे की रणनीति पर विचार कर रही है।

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