Jharkhand में Students की बड़ी जीत! 16 दिन का Hunger Strike खत्म, लेकिन कहानी अभी बाकी है

Jharkhand में लंबे समय से चल रहा छात्र आंदोलन आखिरकार एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 17 अगस्त को हुई करीब 5 घंटे की कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने JSSC-CGL समेत TSR Data Processing Pvt Ltd (TDPL) के जरिए 2014 से कराई गई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया। यानी मामला सिर्फ एक exam तक नहीं रुका-सरकार ने कुल 14 परीक्षाओं के नतीजों, merit lists और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को भी रद्द करने का फैसला किया।

इसी फैसले के बाद Ranchi के Sadar Hospital में 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं Devendra Nath Mahto, Umme Habiba और Rahul Kranti ने अपना hunger strike खत्म कर दिया। देर रात राज्य मंत्री Deepika Pandey Singh और Irfan Ansari अस्पताल पहुंचे और छात्रों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। बाहर माहौल ऐसा था जैसे exam result नहीं, पूरा आंदोलन ही पास हो गया हो-छात्रों ने तिरंगा लहराया, मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को जीत की बधाई दी।

लेकिन Gen-Z वाली भाषा में कहें तो “Part 1: Victory unlocked… Part 2 अभी बाकी है.” सरकार ने सिर्फ JSSC-CGL नहीं, बल्कि TDPL के जरिए कराई गई 14 competitive examinations को भी रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें JSSC-CGL, JPSC backlog examinations, Child Development Project Officer और Food Safety Officer जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। TDPL को भविष्य में Jharkhand सरकार की tender प्रक्रिया से भी बाहर कर दिया गया है।

सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी Amitabh Kaushal की अध्यक्षता में एक high-level committee बनाने का भी ऐलान किया है। समिति का उद्देश्य recruitment exams को ज्यादा transparent बनाना, paper leaks रोकना और एक मजबूत examination system तैयार करना है।

आंदोलन के दौरान paper leak network की जांच भी तेज हुई। Jharkhand CID ने JSSC कार्यालय पर कार्रवाई की और मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया। सरकार ने financial trail की जांच के लिए Enforcement Directorate को भी पत्र लिखने की बात कही है।इस पूरे घटनाक्रम में Rahul Gandhi का नाम भी सामने आया।

14 अगस्त को उन्होंने मुख्यमंत्री Hemant Soren को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की थी। Hunger strike खत्म करने के दौरान Devendra Mahto ने Rahul Gandhi और Hemant Soren दोनों का धन्यवाद किया।हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि अनशन खत्म हुआ है, आंदोलन नहीं।अब Phase 2 में उनकी सबसे बड़ी मांग CBI जांच की है, ताकि कथित recruitment scam और paper leak में जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ कार्रवाई हो।

इसके अलावा छात्र August 10–11 के प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR वापस लेने, suspended official Santosh Mastana की बहाली और राज्य में एक सख्त, legally binding Anti-Paper Leak Act की मांग भी कर रहे हैं।दूसरी तरफ करीब 2,000 ऐसे candidates भी हैं जिन्होंने JSSC-CGL clear किया था और appointment letters का इंतजार कर रहे थे।

उनका कहना है कि अगर पूरी परीक्षा रद्द होती है तो उन उम्मीदवारों की मेहनत और legitimate merit की सजा उन्हें क्यों मिले, जिनका किसी alleged leak से कोई लेना-देना नहीं था?यानी Jharkhand में फिलहाल मामला “Students vs Government” से आगे निकलकर एक बड़े सवाल पर आ गया है-अगर system में गड़बड़ी हो, तो गलत लोगों को सजा मिले या पूरी generation का result reset हो?

17 अगस्त की रात छात्रों ने जीत का जश्न जरूर मनाया, लेकिन अब असली परीक्षा सरकार की है—क्या वह सिर्फ exams cancel करेगी या ऐसा system भी बनाएगी जहां अगली बार students को अपने हक के लिए 16 दिन भूखा न बैठना पड़े?

Author

संसद या ‘पॉलिटिकल वॉर रूम’? 12 अगस्त को सदन से ज्यादा गरम था मकर द्वार!

“VIMAL ELAICHI” का खेल पड़ा भारी? SRK, Ajay Devgn और Tiger Shroff को महाराष्ट्र FDA का नोटिस

Leave a Reply